‘बालिका वधू’, ‘अनुपमा’, ‘धड़कन’ जैसे कई टीवी शो हैं, जिन्होंने बढ़ाया है बेटियों का मान

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‘बालिका वधू’, ‘अनुपमा’, ‘धड़कन’ जैसे कई टीवी शो हैं, जिन्होंने बढ़ाया है बेटियों का मान


बेटियां तो बाबुल की रानियां होती हैं और मांओं की लाड़ली भी। अभी हाल में जब मैंने कॉमेडियन और होस्ट भारती सिंह से बातचीत की, जो कि फिलवक्त प्रेग्नेंट हैं, उन्होंने बेटियों को लेकर एक बड़ी प्यारी बात कही। भारती सिंह ने कहा वह चाहती हैं कि उनकी बेटी हो, क्योंकि जब वह थक हार कर कभी घर आएं और बेटी से कहें कि बेटी जरा मम्मा के लिए चाय बना दो, तो वह बिना सवाल किये, फौरन मां की बात मान जाएगी। लेकिन बेटा उस वक़्त अगर खेल रहा होगा, तो कभी नहीं आएगा। दरअसल, बेटियों को जिम्मेदारियां लेना अच्छी तरह से आता है। यूं तो बेटियों का हर दिन होता है। लेकिन नेशनल डॉटर्स डे  को बेटियों को समर्पित किया गया है। ऐसे में अगर मैं टेलीविजन की दुनिया में मुड़ कर देखती हूँ, तो ऐसे कई शोज नजर आते हैं, जिन्होंने बेटियों को अपने शो के माध्यम से तवज्जो दी है। आइये ऐसे कुछ पांच शोज के बारे में जान लेते हैं, जो हिंदी टेलीविजन की दुनिया में बेटियों के महत्व को दर्शा चुके हैं।

बालिका वधू

कलर्स चैनल  पर ‘बालिका वधू’ शो ने एक नयी क्रांति लायी। इस शो में बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर बेहतरीन व सार्थक कदम उठाते दिखाया गया था। इस शो में शुरुआती दौर में आनंदी के किरदार को, अपने ससुराल में किस तरह काफी परेशानियां झेलनी होती हैं। लेकिन धीरे-धीरे कैसे आनंदी अपने हक के लिए लड़ती हैं और मेहनत करती हैं। अपने लिए आवाज़ बुलंद करती हैं। आगे चल कर, यही आनंदी कलेक्टर बनती है। बेटियों को पढ़ाओ और आगे बढ़ाओ के उद्देश्य को इस शो में बेहतरीन तरीके से दर्शाया गया। इन दिनों इस शो का दूसरा सीजन भी कलर्स चैनल पर प्रसारित हो रहा है। अविका गौर ने अहम भूमिका निभाई है।

अनुपमा

स्टार प्लस के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक ‘अनुपमा’ की बात करें, तो शुरुआत में यह शो मेकर्स ने इस लिहाज से दर्शाया, जैसे यह कहानी एक बहू की कहानी हो। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी है।’अनुपमा ‘ने जिस तरह से अपने आप में सकारात्मक बदलाव किये हैं। वह उल्लेखनीय हैं और अब यह कहानी एक बेटी की कहानी बन गई है। अनुपमा अपने सास-ससुर को माता-पिता का दर्जा दे चुकी है और एक बेटी होने के नाते भी अनुपमा तलाक होने के बावजूद, पूरे घर का ख्याल रखती है। अनुपमा बेटियों की इज्जत करने वाला शो इस लिहाज से भी है कि अनुपमा हमेशा अपनी बहुओं किंजल और होने वाली बहू नंदिनी को बेटियों की तरह प्यार भी करती है और उसके साथ जरूरत पड़ने पर खड़ी भी रहती हैं। रूपाली गांगुली इसमें ‘अनुपमा ‘के किरदार में हैं।

मेरे डैड की दुल्हन

सोनी टीवी पर कुछ दिनों पहले ही एक लाजवाब शो का प्रसारण हुआ। शो का नाम था ‘मेरे डैड की दुल्हन’, इस कहानी में एक बेटी और उसके पिता की कहानी है। एक बेटी अपने पिता के लिए क्या कर सकती है, किस तरह उनका ख्याल रखती है और किस तरह उनकी शादी का फैसला लेती और उनकी जिंदगी में एक सही जीवन साथी की तलाश करती है। बेटी के पॉइंट ऑफ व्यू से एक बेहतरीन कहानी दर्शकों के सामने रखी गई थी। इस शो की खासियत रही कि इसमें भाषणबाजी नहीं थी, लेकिन बहुत स्वाभाविक तरीके से जिंदगी में बेटी की खूबियों को दर्शाया गया है। इस शो में अंजलि तत्रारी, बरुण बडोला और श्वेता तिवारी ने अहम भूमिका निभाई थी। स्लाइस ऑफ लाइफ वाले इस शो में कई मुद्दे भी उठाये गए थे। यही नहीं इस शो में श्वेता तिवारी ने जो सिंगल गर्ल चाइल्ड का किरदार निभाया है और अपनी सिंगल मॉम का जिस तरह से ख्याल रखा है, वह उल्लेखनीय है। बेटियों की जिंदगी में क्या अहमियत है, इस शो ने अच्छी तरह से दर्शाया है।

धड़कन

इन दिनों सोनी टीवी  पर ‘धड़कन’ शो को काफी पसंद किया जा रहा है। इस शो में बेटी की तम्मनाओं को ताक पर रखने की कोशिश एक बेटी को बर्दाश्त नहीं होती है। वह निर्णय लेती है कि वह जिससे प्यार करती है, उससे शादी नहीं करेगी, क्योंकि वह उसके काम को तवज्जो नहीं दे रहा है। ऐसे में खुद को मजबूत इरादों के साथ खड़ी रखने वाली लड़की को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। इस शो में अदिति गुप्ता अहम किरदार में है। लड़का और लड़की में फर्क को लेकर इस कहानी में कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए हैं।

तमन्ना

स्टार प्लस पर कुछ सालों पहले एक शो आया और काफी पसंद किया गया था। इस शो में एक बेटी अपने पिता से गुजारिश करती है कि उसे क्रिकेट खेलना है। लड़कों की तरह क्रिकेट खेलने की बात को लेकर पहले तो पिता नाराज होते हैं, लेकिन बाद में किस तरह से एक लड़की के लिए यह सफर तय करना मुश्किल होता है। इस शो में इसे खूबसूरती से दिखाया गया है।





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