स्वर कोकिला ‘लता मंगेशकर’ का निधन

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स्वर कोकिला ‘लता मंगेशकर’ का निधन


भारत की स्वर कोकिला’ कही जाने वालीं लेजेंडरी गायिका लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं हैं। वह 92 वर्ष की थीं। उन्होंने 8 जनवरी, यानी रविवार की सुबह 8. 12 बजे अंतिम सांसें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली। लता लंबे समय से बीमार चल रही हैं। अभी पिछले तीन हफ़्तों से उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। लता निमोनिया और कोविड दोनों से ही ग्रसित हो गई थीं। लता जी की अंतिम यात्रा मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरी की जायेगी।

लता मंगेशकर ने  13 साल की उम्र से गायिकी की दुनिया में पहला कदम रखा था। उन्होंने अपना पहला गाना वर्ष 1942 में गाया था। उन्होंने अपनी मातृभाषा मराठी में पहला गीत गाया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी के लिए 1946 में वसंत जोगलेकर की पहली फिल्म ‘आप की सेवा’ में अपनी आवाज दी थी  उन्होंने अपने करियर में लगभग 30 हजार से भी अधिक गाने गाये हैं। उन्हें भारत की स्वर कोकिला कहा जाता है। लता मंगेशकर ने अभिनेत्री मधुबाला से लेकर नए जमाने की अभिनेत्रियों में काजोल और कई अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी। उनके गानों में ऐ मेरे वतन के लोगों, अजीब दास्ताँ है ये  जैसे कई गाने रहें। लता मंगेशकर को सुर साम्राज्ञी, स्वर कोकिला और ऐसी कई उपाधियों से नवाजा गया।

Source: instagram I @lata_mangeshkar

लता मंगेशकर जब तक स्वस्थ रहीं, वह सोशल मीडिया पर नयी प्रतिभाओं को हमेशा प्रोत्साहित करती रहती थीं। सोनू निगम उनके बेहद पसंदीदा सिंगर रहें। दिलीप कुमार जैसे अभिनेता भी उनके लिए भाई जैसे रहे। निर्देशक यश चोपड़ा, राज कपूर और ऐसे कई दिग्गज निर्देशकों की वह पहली पसंद रहीं। उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान के साथ-साथ पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के  पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

लीजेंडरी गायिका लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर को इंदौर में हुआ था।  लता जी की आवाज के भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में लोग दीवाने रहे हैं। लता मंगेशकर को भारत सरकार ने ‘भारत रत्न’ से भी सम्मानित किया था।

बता दें की जनवरी में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से ही उन्हें मुंबई में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिर वह न्यूमोनिया से ग्रसित हो गई थीं। हालत बिगड़ने के बाद, उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी हालत में सुधार होने के बाद, वेंटिलेटर सपोर्ट भी हटा दिया गया था। लेकिन 5 फरवरी को उनकी स्थिति बिगड़ने के बाद, फिर से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। मगर अफसोस लता ने 6 फरवरी को आखिरी सांस लीं।

हम लता मंगेशकर  को विनम्र श्रद्धांजलि देते हैं।



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